Raghvendra Singh
Indian Army · Indian Army 2025
बाघथर
यह कहानी Raghvendra Singh नाम के एक मेहनती और देशभक्त युवक की है। Raghvendra एक साधारण परिवार से आते हैं। वे राजस्थान के धौलपुर जिले की बसेड़ी तहसील के बघथर गाँव के निवासी हैं।
बचपन से ही उनके मन में Indian Army (भारतीय सेना) में जाने का सपना था। उन्हें देश से बहुत प्रेम था और वे देश की सेवा करना चाहते थे।
Raghvendra रोज़ सुबह जल्दी उठकर Running (दौड़) करते थे। उन्होंने Physical Fitness (शारीरिक फिटनेस) के साथ-साथ पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान दिया। कई बार Recruitment Exam (भर्ती परीक्षा) कठिन लगी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
पहली बार में उनका चयन नहीं हुआ, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अपनी कमज़ोरियों पर काम किया और दोबारा पूरी मेहनत और अनुशासन के साथ तैयारी शुरू की। उनके परिवार ने भी हर कदम पर उनका साथ दिया।
आख़िरकार Raghvendra की मेहनत सफल हुई और उनका चयन Indian Army में हो गया। Training (प्रशिक्षण) पूरी करने के बाद वे एक अनुशासित और साहसी सैनिक बने। आज वे पूरे देश के लिए गर्व का विषय हैं।
सीख (Message – संदेश)
Raghvendra की कहानी हमें सिखाती है कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। जो कभी हार नहीं मानता, वही सफल होता है।
यह सब हमारे CEO साहब Nivrutti Somnath Avhad (IAS) की शिक्षा के प्रति रुचि और उनकी मेहनत की वजह से संभव हो पाया है। उन्हीं के प्रयास से हमारे गाँव में लाइब्रेरी खुली है।
मैं, Raghvendra Singh, SBI Cards, Eco Needs Foundation और उसके संस्थापक डॉ. प्रियानंद आगळे सर, देवेंद्र सिंह जी तथा पंचायती राज विभाग धौलपुर और इससे जुड़े सभी लोगों का दिल की गहराइयों से धन्यवाद करता हूँ।